Wednesday, 7 October 2015

काले धन से लड़ाई में मोदी सरकार को मिला कई देशों का योग दान.

काले धन से लड़ाई में भारत को कई देशों का साथ मिलने लगा है। अमरीका, जर्मनी, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, मॉरीशस और ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड उन देशों में शामिल हैं, जो अपने देशों में मौजूद भारतीयों की गुप्त संपत्तियों के बारे में सूचना दे रहे हैं या जल्द ऐसा करने लगेंगे। 

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि काले धन का पता लगाने में भारत कई स्तरों पर घुसपैठ करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि कई देश अब इन आंकड़ों के बारे में जानकारी मुहैया कराने में हमारी मदद कर रहे हैं। 

अमरीका से फॉरेन अकाउंट टैक्स कंप्लायंस एक्ट जैसे समझौते के कारण फाइनेंशल सूचनाओं का खुले तौर पर आदान-प्रदान हो रहा है और इससे टैक्स से बचने वाले उन लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिन्होंने 30 सितम्बर तक विदेशों में मौजूद अपनी संपत्तियों के बारे में खुलासा नहीं किया।

 सिंगापुर के साथ भारत के मजबूत व्यापारिक रिश्ते हैं। यह देश भारत को जरूरी आंकड़े आंकड़े मुहैया करा रहा है। मॉरीशस ने भारत के साथ ग्लोबल इन्फॉर्मेशन शेयरिंग प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए हैं और यह देश भी जल्द ऐसे आंकड़ों के बारे में जानकारी साझा करेगा। भारतीयों के एचएसीबीसी खातों को लेकर फ्रंस काफी सक्रियता के साथ भारत की मदद कर रहा है। यह देश पहले भी इस तरह की जानकारी दे चुका है।

 

सरकार ने कहा है कि एक बार मौका दिया जाने के बाद सरकार ऐसी गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई करेगी। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को काले धन की घोषणा का आंकड़ा 4,147 करोड़ बताया, जिसके बारे में पहले अनुमान 3,770 करोड़ था। हालांकि, केसों की संख्या पहले जैसी ही है।
जर्मनी ने लिकटेंस्टाइन बैंक के खाताधारकों के बारे में भारत के साथ जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया था। दरअसल, भारत सरकार की तरफ से ऐसे खाताधारकों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद जर्मनी ने ऐसा किया था। 
वैसे, जर्मनी ने फिर से ऐसे आंकड़ों की सप्लाई शुरू कर दी है। सूचनाएं साझा करने के सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए दोनों देश अपने टैक्स समझौते पर फिर से विचार कर रहे हैं। 
वित्त मंत्रालय के अनुसार इस मामले में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स से भारत को बेहतर रिस्पॉन्स मिल रहा है। जनवरी में भारतीय प्रतिनिधिमडंल द्वारा इस मुल्क के दौरे के बाद से चीजें बेहतर हुई हैं। यह देश काले धन का चर्चित ठिकाना है।.....
 

 

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